Sex Myths: सेक्स के बारे मे 9 झूठ जिसपर अधिकतर पुरुष विश्वास करते हैं।

Sex Myths: सेक्स से जुड़े ऐसे कई झूठ प्रचलित है जिनपर अधितकर लोग जानकारी के अभाव के कारण सच मान बैठते है। ऐसी अधूरी जानकारी के कारण वे अपनी सेक्शुअल लाइफ को नुकसान पहुंचाकर सेक्शुअल लाइफ को पूरी तरह से खराब कर सकते हैं।

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Sex Myths: सेक्स एक ऐसा विषय है जिसपर हर किसी को बात करने की इच्छा होती है लेकिन शर्म और अपनी संस्कृति के कारण इसपर कोई खुलकर बात नहीं करता या बात करने से टाल देते है। जब बच्चे और टीनेजर्स भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने की चाहत रखते है, तो शर्म और झिझक के कारण उन्हें भी सही से जानकारी नहीं मिल पाती जिससे वे बच्चे भी माहिती के अभाव के कारण अपनी सेक्शुअल लाइफ खराब कर बैठते है। सेक्स से जुड़ी ऐसी कई बातें हैं जो गलत होने के बावजूद भी लोग इसे सच मान बैठते हैं और इसपर खुलकर बातें नहीं करते। सेक्स यह एक ऐसे चर्चा का विषय है जिसपर खुलकर चर्चा होनी जरूरी है। आज हम ऐसे ही मिथ पर चर्चा करेंगे जिन्हें लोग आंख मूंदकर सच मान लेते है। (What is sex myths in hindi)

1. प्राइवेट पार्ट पर के बाल

प्राइवेट पार्ट पर के बालों को अक्सर गंदा माना जाता है। सेक्स करते समय भी इन बालों को साफ करने के सलाह दी जाती है। कई लोगों को तो इन बालों से इन्फेक्शन होने का भी डर रहता है। लेकिन सच्चाई बिल्कुल इसके उलटी हैं। नीचे के बाल सीबम ऑयल को प्रोडयूस करते हैं, ये ऑयल हार्मफुल ऑर्गेनिज्म को रिप्रोडूस करने से बचाते है। डॉक्टर्स भी यह मानते हैं कि इन बालों से सेक्शुअल इन्फेक्शन होने के चांसेज बहुत कम हो जाते है।

2. लिंग का साइज

अक्सर लड़कों मे इनसिक्योरिटी रहती है कि लिंग का साइज कम होने से मै अपनी पार्टनर को सेटिस्फाई कर भी पाऊंगा या नहीं, लेकिन यह कोई खास दिक्कत नहीं है क्योंकि फीमेल का जो प्राइवेट पार्ट होता है उसके दो इंच पहले ही सेक्शुअल को फील कर पाते है। इसलिए लिंग का साइज कम हो या ज्यादा इसका कोई खास फरक नहीं पड़ता। दो लोगों के बीच इंटरकोर्स करने के लिए इमोशनल बॉन्डिंग का होना बहुत जरूरी होता है ना कि साइज का।

3. बिना प्रोटेक्शन के सेक्स करना

कई लोगों की यह सोच होती है कि बिना कंडोम का इस्तेमाल किए ही इंटरकोर्स करेंगे और कुछ दिक्कत हुई तो मेडिसिन ले लेंगे। लेकिन इसके लगातार उपयोग से डाइजेशन और हार्मोनल इंबैलेंस की परेशानी हो सकती है। बिना कंडोम के सेक्स करना कतई सुरक्षित नहीं होता।

4. पीरियड्स मे सेक्स?

आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों भी पीरियड्स में सेक्स(sex myths) करने की सलाह नहीं देते। पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग होने के कारण शरीर मे वात दोष बढ़ा होता हैं। ऐसे स्थिति मे फीमेल के लिए बहुत ज्यादा दिक्कत पैदा हो सकती है। अगर आप ऐसे सोचते है कि पीरियड्स के दौरान संभोग करने से प्रेगनेंट नहीं हो सकती तो यह बिल्कुल गलत है। सेक्स करने के बाद भी काफी दिनों तक शुक्राणु शरीर मे ही रहते है।

5. सेक्स के बाद यूरीन पास करना

यह भी एक मिथ है कि सेक्स करने के बाद यूरीन पास किया जाए तो प्रेग्नेंसी को टाला जा सकता है। संभोग के बाद मेल और फीमेल दोनों को ही यूरीन पास कर लेना चाहिए यूरीन पास करने से प्रेग्नेंसी को तो टाला नहीं जा सकता, लेकिन इससे यूरिनरी ट्रैक इन्फेक्शन होने के चांसेज कम हो जाते है।

6. मास्टरबेशन सही या गलत?

आयुर्वेद मास्टरबेट के सख्त खिलाफ है, जिससे शरीर धीरे धीरे से अंदर से खोखला हो जाता है और लिंग की नसें भी कमजोर हो जाती हैं।

7. दो कंडोम को सुरक्षित माना जाता है

दो कंडोम को यूज करना यह भी एक मिथ काफी प्रचलित है और इसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। लेकिन यह सही नहीं है क्योंकि एक साथ दो कंडोम इस्तेमाल करने से एक दूसरे से रगड़ने से कंडोम फटने की संभावना ज्यादा होती है।

8. ज्यादा सेक्स से योनि खराब होती है

यह भी एक मिथ ही है कि ज्यादा सेक्स करने से योनि खराब या ढीली हो जाती है। लेकिन ज्यादा सेक्स करने से योनि ढीली या खराब नहीं होती बल्कि योनि को कुदरत ने बनाया ही लचीलेदाऱ और सुंदर है।

9. कंडोम से सेक्स का मजा नहीं आता

यह भी एक बहुत बड़ा मिथ है कि कंडोम से सेक्स करने का उतना मजा नहीं आता, लेकिन कंडोम से भी सेक्स का उतना ही मजा आता है जितना बिना कंडोम का। जानकारों द्वारा यही सलाह दी जाती है सेक्स हमेशा कंडोम के साथ ही करना चाहिए क्योंकि इससे इन्फेक्शन होने के चांसेज बहुत कम हो जाते हैं।

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डिस्क्लेमर : हेल्थ सीक्रेट्स पर हम आपके स्वास्थ और कल्याण के लिए प्रामाणिक जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी डॉक्टर या चिकित्सक से सलाह परामर्श जरूर करें।

 

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