Aparajita ki chaal ke fayde: सिर्फ फूल, पत्ते, जड़ और बीज ही नहीं अपराजिता की छाल भी होती है औषधि गुणों से भरपूर। यहां पर जानिए कैसे होता है अपराजिता की छाल का उपयोग और क्या है तरीके?
Aparajita ki chaal ke fayde: अच्छी और निरोगी सेहत के लिए एक अच्छी हेल्दी और ऐक्टिव लाइफ स्टाइल को मेंटेन करना बहुत जरूरी होता है। ताकि वर्तमान समय में होने वाले स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से बचा जा सके। अनहेल्दी खानपान के चलते डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ओबेसिटी जैसी कई दिक्कतें बढ़ी तेजी से बढ़ते जा रही हैं। इसके लिए ऐक्टिव लाइफ स्टाइल, हेल्दी खानपान, निरन्तर योग प्राणायाम का अभ्यास और साथ में कुछ वनस्पति का उपयोग ये सभी चीजें फिट रहने के लिए काफी जरूरी होती है। आयुर्वेद ऐसी कई जड़ी बूटियों का खजाना हैं जो आपको हेल्दी और फिट रहने के लिए बहुत मदद कर सकती हैं। ऐसे ही वनस्पति है अपराजिता जिसका उपयोग आयुर्वेद पिछले कई सालों से करता आ रहा है। अपराजिता को शंखपुष्पी के नाम से भी जाना जाता है, जो ब्रेन के लिए फायदेमंद होती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सेहत का कई तरह से खयाल रखते हैं। इसके फूल, पत्ते, जड़, बीज और छाल सभी फायदेमंद होते है। इसीलिए इस वनस्पति को एक कंप्लीट मेडिसिनल प्लांट कहा गया है। इस लेख में आज आपको अपराजिता की छाल के फायदे के बारे मे जानकारी देने वाले है। (Aparajita ki chaal ke fayde)

अपराजिता की छाल के फायदे – Aparajita ki chaal ke fayde in hindi
1. डायबिटीज मे करे उपयोग
अपराजिता की छाल मे एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। इसका उपयोग डायबिटीज मे किया जा सकता है। इसकी छाल शरीर मे इंसुलिन कि गति को तेज कर सकती हैं। जिससे शरीर मे शुगर लेवल नियंत्रण मे बनी रह सकती है।
तरीका :- आयुर्वेदिक डॉक्टर के सलाह पर आप इसके काढ़े का उपयोग डायबिटीज मे कर सकते हैं। सुबह खाली पेट इसकी छाल का काढ़ा पीने से शुगर स्पाइक नहीं होती और नियंत्रण मे रहती है।
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2. कोलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए
अपराजिता की छाल मे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, ये एंटीऑक्सीडेंट खून में क्लोटिंग्स बनने से रोकते हैं और खून के बहाव को तेज करते है। जिससे कोलेस्ट्रॉल लेवल और हार्ट हेल्थ अच्छी बनी हुई रहती है।
तरीका :- अपराजिता की छाल का काढ़ा खाली पेट पीने से फायदे मिल सकते हैं।
3. दिमाग की कार्यप्रणाली में
अपराजिता को दिमाग की औषधि भी कहा जाता है इसकी छाल दिमाग की कार्यप्रणाली में सुधार करती हैं। शंखपुष्पी के नाम से बाजार में बड़ी आसानी से मिल जाती है। इसकी छाल दिमाग पर पड़ने वाले तनाव, चिंता और अवसादवाद को कम करते हुए दिमाग की नसों को शांत करने का काम करती है। इसकी छाल का नियमित उपयोग करने से मेमोरी पावर बढ़ाने मे और ध्यान केंद्रित करने मे मदद मिलती है। मानसिक बिगाड़ के कारण जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या होती है उन लोगों के लिए इसकी छाल से लाभ मिल सकते है।
तरीका :- बाजार में इससे बनी औषधि आसानी से मिल जाती है। इसके अलावा इसकी छाल का काढ़ा बनाकर या गुनगुने पानी के साथ पाउडर का उपयोग कर सकते हैं।
4. रोगप्रतिकारक क्षमता बनाएं मजबूत
अपराजिता की छाल एंथोसायनिन और फ्लेवोनॉयड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। इसके एंटीबैक्टिरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर से टॉक्सिंस को बाहर निकालके शरीर को डिटॉक्स करते है। जिससे हमारा शरीर वायरल इन्फेक्शन और मौसमी बीमारियों से लड़ने मे सक्षम होता है तथा इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होती है।
तरीका :- इसकी छाल को दालचीनी और तुलसी के पत्तों के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें और दिन में एक बार इसका सेवन करें।
अन्य तरीका
अपराजिता के कुछ फूलों को, तुलसी के पत्ते, पुदीना के पत्ते, कड़ी पत्ते और एक नीम के पत्ते के साथ रात भर भीगोकर कर रख दें, सुबह छानकर खाली पेट इसका सेवन करें। इन चीजों से बना ये एल्कलाइन वॉटर सेहत को कई फायदे पहुंचा सकता हैं।
परिणाम
अपराजिता एक परिपूर्ण औषधि वनस्पति होती है जिसका स्वास्थ्य कि कई समस्या मे उपयोग किया जा सकता है। यह वनस्पति का रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने मे, मानसिक स्थिति में, डायबिटीज मे, हार्ट हेल्थ मे कई कारणों मे डॉक्टर के सलाह पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
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डिस्क्लेमर : हेल्थ सीक्रेट्स पर हम आपके स्वास्थ और कल्याण के लिए प्रामाणिक जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी डॉक्टर या चिकित्सक से सलाह परामर्श जरूर करें।
