Diebetes : लक्षण, कारण, इलाज ओर प्रतिबंध

diebetes: दोस्तों आज कल के खराब लाईफ स्टाईल ओर अनहेल्दी फूड्स के कारण आज हर कोई परेशान हैं | ओर हर कोई आज किसी ना किसी समस्या से परेशान है, या किसी ना किसी समस्या से जुझ रहा है. खराब लाईफ स्टाईल, खराब खान पिना, जंक फूड ये शरीर में अनेक समस्या को पैदा करता है | जिसमे एक मुख्य समस्या है शुगर, शुगर के कारण आज हर दुसरा आदमी परेशान हैं. ओर भारत में तो शुगर की समस्या सबसे ज्यादा पाई जाती हैं. ओर वर्क लोड
के कारण ये समस्या तो बढती हि जा रही है|
ईसी जटिल बिमारी को खतम करने के लिये आज मैं आपको कूछ टिप्स बताने वाला हुं. लेकीन इसके पहले शुगर के कारण जानना बहोत जरूरी हैं, के शुगर होता क्यू हैं ओर ये शरीर में आता कहां से हैं|

diebetes
diebetes

Table of Contents

शुगर होता क्यू हैं ?

अगर हमने ये समझ लीया की शुगर होता क्यू हैं तो यकीन माने आपका शुगर लेव्हल एक महिने मे ही कम हो जायेगा ओर 2-3 महिने मे खतम भी हो जायेगा. दरहसल हम जो खाना खाते है उससे हमारे शरीर मे ग्लुकोज प्रोडयूस होता हैं ओर उस ग्लुकोज को ब्लड सेल्स मे पहुचाने का काम करता हैं इन्सुलिन | जिससे हमारे शरीर मे एनर्जी प्रोडयूस होती हैं | मतलब शरीर मे ग्लुकोज होना तो जरूरी हैं | लेकीन कितना ये जानना ऊससे भी जरूरी है | नॉर्मल शुगर लेव्हल 100 – 200 के बीच मे होनी चाहिए | इसके ऊपर की शुगर हमारा शरीर बरदाश्त नहीं कर पाता | शुगर चेक करने के भी दो लेव्हल होते है | एक होता हैं खाली पेट ओर दुसरा होता हैं खाना खाणे के बाद. खाना खाणे के पहले शुगर लेव्हल 70 – 110 के बीच होनी चाहिए ओर खाना खाणे के बाद शुगर लेव्हल 70 – 140 के बीच होनी चाहिए. अगर इसके के ऊपर ये लेव्हल चली जाती हैं तो समझ लीजिये हमारे शरीर मे इन्सुलिन लेव्हल कम हो गया जिसके कारण सेल्स मे ग्लुकोज नहीं पहोच पा रहा है | जिससे की शरीर एनर्जी प्रोडयूस नहीं कर पा रहा है | एक time के बाद सेल्स इतने भर जाते है की इन्सुलिन के सिग्नल्स को भी ये रिजेक्ट
कर देते है | जिससे होता ये हैं ब्लड मे नये सेल्स नहीं बनने के कारण सेल्स मे ओर ब्लड मे जरुरत से ज्यादा ग्लुकोज होने के कारण ब्लड गाढा होने लगता है | ब्लड गाढा होने के कारण नसो मे खून ठीक से फ्लो नहीं होता हैं | जिससे ये होगा के खून के अंदर का पुराणा कचरा निकल नहीं पायेगा | तो नसो के अंदर के पुराणे सेल्स ही खून मे शुगर को पैदा करता रहता है | इसिलीये शुगर को सभी रोगों की जड़ कहा गया है।

कारण : दरहसल शुगर हमारे शरीर मे खाणे, पिणे से हि प्रवेश करता हैं | जैसे की जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, धूम्रपान, शरीर का वजन, अतिरिक्त चरबी, बेली फॅट ये शुगर को शरीर मे निमंत्रण देते है. ज्यादा टेन्शन लेने से निंद पुरी नहीं हो पाती जिससे की हमारा शरीर हि शरीर के अंदर शुगर को पैदा करता हैं|
लक्षण : (1) शुगर का मुख्य कारण हैं बार बार पेशाब आना. (2) हात पैर मे मुंग्या आना (3) जखम जलदी से ना भरना|
रोखे कैसे : वजन को नियंत्रण मे रखे, चरबी को कम करें, बेली फॅट को नियंत्रण मे रखें, हर महिने शुगर को चेक करते रहिये. ज्यादा टेन्शन ना ले प्रोपर तरीके से पुरी 7 घंटे की नींद ले|

शुगर को नियंत्रित कैसे रखें ?- how to control diebetes

(1) रागी – अगर आपको शुगर (diebetes) है तो रागी की रोटी आपके लिये वरदान साबित हो सकती है. रागी की रोटी आयरन, कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन से रीच होती है ओर रागी की रोटी ना सिर्फ ब्लड शुगर लेव्हल कंट्रोल मे रखती हैं बल्की ये तो वेट मैनेजमेंट
मे भी बहोत मदत करती है. जिससे की बढा हूआ पेट, शरीर पर का फॅट भी केवल रागी की रोटी से कम किया जा सकता है | रागी को दुध के साथ में भी लिया जा सकता है|
(2) मेथी दाना – मेथी दाणे मे सॉल्यूबल फाइबर भरपूर मात्रा मे होता हैं. जो ब्लड शुगर(Diebetes) लेव्हल को कम करता हैं ओर इन्सुलिन को भी बढाता है. एक चमच मेथी दाना रात को एक ग्लास मे भिगो दिजीये ओर सुबह उठते ही खाली पेट इसको पी लिजिये. (कम से कम आधे घंटे तक इसके उपर कूछ भि खाना- पिना नहीं हैं )
(3) सेब का सिरका – सेब का सिरका शरीर मे ब्लड शुगर को कंट्रोल मे रखने के लिये ओर इन्सुलिन लेव्हल को बढ़ाने
मे काफी मदत करता हैं. एक चमच सेब का सिरका को एक ग्लास पाणी मे खाना खाणे के एक घंटा पहले सेवन करे|
(4) फाइबर रिच फूड्स – शुगर(diebetes) वाले लोगो को ग्लुकोज, ज्यादा कॅलरीज वाली चीजे को अवॉइड करना चाहिए ओर वो चीजे खानी चाहिए जिसमे ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम से कम हो जिससे की शुगर लेव्हल कंट्रोल मे रहे. जैसे की रागी की रोटी, ज्वारी की रोटी, बाजरे की रोटी, हरी सब्जीया , ओर फलो मे जामुन का इस्तेमाल कर सकते है|
(5) जामुन – जामून साल मे एक हि बार आता हैं लेकीन जामुण के अनकिनद फायदे शुगर लेव्हल को बढने से रोकता हैं. जामून ना सिर्फ शुगर को कंट्रोल मे रखता हैं बल्की ये तो खून साफ करने मे भी मदत करता हैं|
(6) मोरींगा – डाएट मे मोरिंगा को जरूर शामिल करे, मोरिंगा मे कॅल्शियम, आयरन, फॉस्फरस से रिच होती है | मोरिंगा को सब्जी, सूप, या रोटी बना कर सेवन किया जा सकता हैं | या तो फिर मोरींगा का पावडर भी बाजार मे मिल जाता हैं | एक ग्लास पाणी मे एक चमच मोरींगा पावडर मिलाकर सूबह खाना खाणे के पहले सेवन करे|
(7) निंबू – निंबु पाणी पिने से शरीर डिटॉक्स रहता है | एक ग्लास पाणी मे आधा नींबु ओर जिरा, सोपं, अज्वाईन, जायफळ ओर एक चुटकी हल्दी डालकर खाना खाणे के बाद इसका सेवन किया तो शरीर डिटॉक्स भी रहेगा ओर खूण के अंदर की गंदगी भि निकल जाएगी|

Leave a Comment