Castor oil: अरंडी का तेल जिसे अंग्रेजी मे (castor oil) कहा जाता है। ये बाल और स्किन के लिए काफी फायदेमंद होता है।

अरंडी के तेल के जबरदस्त फायदे
आने वाली कई बीमारियों को रोकने की क्षमता रखता है एरंड तेल आयुर्वेद मे इसके कई औषधी गुन वर्णीत किए गए हैं जो कैंसर, ट्यूमर जैसे कई घातक रोगों को अकेला एरंड का तेल ही खतम करने की ताकत रखता है | आयुर्वेद मे इसे शुक्र धातु वर्धक कहा गया है, याने कि ये शुक्र धातु को बढ़ाता है, शुक्र धातु को ये गाढ़ा करता है|
यौन संबंधित समस्या मे अरंडी के तेल के जबरदस्त फायदे
हाल ही में ऐक रिसर्च सामने आई है जिसमे मे ये पाया गया है कोशिकाओं में से Y नाम की कोशिकाएं धीरे धीरे कम होती जा रही है जिससे पुरषों की जन्म दर घटती जा रही है | क्यू कि शुक्र धातु पतला होते जाने के कारण ये समस्या होती है तो Castor Oil शुक्र धातु को बढ़ाता है और गाढ़ा करता है|
त्वचा के लिए अरंडी का तेल
स्किन के लिए ये एक नैचुरल स्किन टोनर की तरह काम करता है, ये स्किन की क्वालिटी को इंप्रूव करता है, चेहरे पर के दाग हो, कालापन हो, स्किन रैशेस हो, धूप से होनी वाली टैनिंग ये सब को खतम करता है | स्किन के टेक्सचर को सुधारता है, ड्राय स्किन के लिए आर्युवेद मे अरंडी तेल को वरदान कहा गया है|
झुर्रियाँ,काले धब्बे, किल मुहांसे मे अरंडी के तेल के फायदे
कई बार शरीर से कोलेजन कम होने के कारण झूरिया आने लगती है तो ऐसे मे castor oil कोलेजन को प्रोडयूस करती है | इसकी इमफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज चेहरे को हमेशा जवान बनाए रखता है| एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होने के कारण ये किल मुंहासे मे भी ये बढ़िया काम करता है | castor oil ऐक से दो बूंदे चेहरे पर पूरी रात भर लगाकर रख दे|
हयर लॉस मे अरंडी का तेल
वात इंबैलेंस होने के कारण बाल बहोत झडने लगते है इसके एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज के कारण ये हेयर लॉस मे और स्कैल्प से रूसी को निकालने मे मददगार होती है|
शरीर की गांठे
BARBARA O’NEIL जिनको कई जगह पर बैन कर दिया क्यू कि उनके स्टडी में यह पाया गया कि अरंडी के तेल शुष्म होने के कारण ये शरीर मे होने वाले गाठ, मस्से, ट्यूमर्स को खत्म कर सकता है | इस अवस्था मे अरंडी तेल को पीना नही है इसको सिर्फ एक्सटर्नल यूज करना होता है|
नैचुरल पैन किलर
अरंडी तेल(Castor oil) के एंटी इन्फ्लेमेटरी गुन की कारण ये दर्द नाशक का काम अच्छेसे करता है | अरंडी तेल मे 90% रिसिनोलिक एसिड होता जो शरीर मे कई भी दर्द हो हाथ मे, पैर मे, घुटने मे, जोड़ो में कई भी दर्द हो उसपर ये अच्छी औषधी है | दर्द वाली जगह पर लगने से ये वहा के ब्लड फ्लो को बढ़ाता है|
वात दोष को कम करती है अरंडी के तेल
आयुर्वेद मे एरंड तेल को वात दोष नाशक कहा गया है, वात के लगभग 80 से ज्यादा बीमारियां है उसको को प्रभावी रूप से कम करने की क्षमता है अरंडी का तेल. जोड़ो का दर्द हो, घुटने का दर्द हो, कमर दर्द हो या स्किन की कोई दिक्कत एरंड तेल को तिल के तेल मे मिलाकर मालिश करने से ये राहत देती है|
निंद ना आने की दिक्कत
निंद ना आने की दिक्कत आज बहोत तेजी से बढ़ रही है, एरंड तेल अच्छी नींद आने मे मददगार होती है | एरंड तेल की ऐक छोटीसी बूंद आखों के उपर लगा दे, ये रिलैक्ससेशन की प्रॉपर्टीज को बढ़ाता है|
पेट के लिए
पेट के लिए एरंड तेल किसी वरदान से कम नहीं है, एरंड का तेल ऐक प्राकृतिक औषधी है जो पेट की कई ईलाज मे मदत करती है.
कब्ज, गैस, डाइजेशन मे एरंड तेल
एरंड तेल मे रिसिनोलीक एसिड एक मुख्य और सक्रिय घटक होता है, ये एसिड पेट मे जाने के बाद ये अतडीओ के गतिविधि को प्रेरित करता है जिससे अतडीओ का मल जो चिपका होता है उसे तेजी से बाहर निकालने के लिए ये काम करता है | इसके रिसिलोनिक एसिड के कारण ये अतडीओ के मांसपेशीओ को हाइड्रेटेड रखता है, जिससे मल नरम होता है जिससे बवासीर होने का खतरा टल जाता है|
लेने का तरीका
रात मे खाना खाने 2 – 3 घंटे के बाद या सुबह उठते ही ऐक ग्लास गुनगुने पानी मे ऐक चमच ले सकते हैं|
सावधानियां
कुछ कुछ केसेस मे इसे नही लेना चाहिए खास कर गर्भवती महिला या जो अपने शिशु को दूध पिलाती हो|
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