Nagarmotha ke fayde: नागरमोथा एक खास प्रकार की औषधि वनस्पति है, जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्य के समस्याओं में इलाज के तौर पर किया जा सकता है।
Nagarmotha ke fayde: नागरमोथा एक प्रकार की घास के रुप में उगने वाली काफी शक्तिशाली और फायदेमंद आयुर्वेदिक वनस्पति है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से ही एक विशेष जड़ी-बूटी के रूप मे किया जाता रहा है। नागरमोथा एक बहुगुणी वनस्पति में से एक है जिसके जड़, पत्ते, फूल सभी का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस वनस्पति के लगभग सभी अंगों में औषधि गुणों से भरपूर स्वास्थ्यवर्धक गुण मौजूद होते हैं। नागरमोथा का उपयोग पेट से जुड़ी समस्या, त्वचा से जुड़ी समस्या और खास कर महिलाओं के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। नागरमोथा की जड़ में एक खास प्रकार की खुशबू होती है, इसीलिए इसकी जड़ से बना पाउडर नहाने के लिए बहुत से लोग इस्तेमाल करते हैं और कई प्रकार के घरेलू उपचारों मे भी किया जाता है। नागरमोथा का पाउडर बाजार में बड़ी आसानी से मिल जाता है। नागरमोथा में अनेक प्रकार के औषधि तत्व पाए जाते हैं। जिससे अनेक प्रकार के लाभ हमारे शरीर को मिल सकते हैं। तो, चलिए जानते है विस्तार से इसके बारे में। (Nagarmotha ke fayde in hindi)
नागरमोथा से मिलने वाले फायदे (Nagarmotha ke fayde in hindi)

1. पाचन क्रिया में फायदेमंद
पाचन क्रिया को मजबूत करने के लिए पेट में मौजूद कीड़ों को मारना बेहद जरूरी होता है। पेट के कीड़े मर जाने से पाचन क्रिया को सुधारा जा सकता है। पेट के कीड़ों को मारने का काम करता है नागरमोथा। नागरमोथा में खास प्रकार के पेट के कीड़ों को मारने वाले शक्तिशाली घटक पाए जाते हैं, जो पेट के कीड़ों को आसानी से मार कर कमजोर पाचन क्रिया को मजबूत कर सकते हैं। किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा किया गया उचित इस्तेमाल आपको पेट से संबंधित रोगों में आराम दिला सकता हैं।
2. महिलाओं के लिए है उपयोगी
महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गंभीर अवस्था से गुजरना पड़ता हैं। इस अवस्था मे कई बार इन्फेक्शन होने का खतरा भी बने रहता हैं। ऐसे में नागरमोथा का उपयोग इस अवस्था में आपकी काफी सहायता कर सकता है। नागरमोथा के उपयोग से पेट में क्रैंपिंग (cramping) की तीव्रता कम होने लगती हैं। साथ में ही यह कुछ हद तक ब्लीडिंग की मात्रा को भी कम कर सकता है।
3. स्किन के लिए फायदेमंद नागरमोथा
नागरमोथा में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी बैक्टेरियल गुण पाए जाते हैं। जो सूजन को कम करके चेहरे पर होने वाले फोड़े, फुंसियां, दाग धब्बे और पिंपल्स को कम कर सकता हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटी बैक्टेरियल गुण स्किन इन्फेक्शन और सन बर्न से भी बचा कर रख सकते हैं।
4. मसूड़े और ओरल हेल्थ में फायदेमंद
ओरल हेल्थ और कमजोर दांतों के लिए नागरमोथा एक अच्छा पर्याय बन सकता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी बैक्टेरियल और सूक्ष्मजीव रोधी गुण मुंह में मौजूद कीटाणुओं का खात्मा कर सकते हैं। इससे मुंह की दुर्गंध को भी दूर किया जा सकता है।
नागरमोथा के नुकसान (side effects of nagarmotha)
नागरमोथा (cypriol) का उपयोग यदि किसी चिकित्सक द्वारा किया जाए तो, इससे निश्चित ही लाभ मिल सकता है। लेकिन ज्यादा इस्तेमाल करने से कई बार समस्याएं भी हो सकते हैं।
* पेट फूलना
* उल्टी या जी मिचलाना
* भूख ना लगना
* सीने में भारीपन
* सीने में जलन
* शौच को बार बार जाना
* शौच साफ़ ना होना
* शौच करने पर पूरी तरह से सेटिस्फैक्शन ना मिलना
* एलर्जी होना
नागरमोथा एक खरपतवार वनस्पति होने से इसपर कई बार औषधि का प्रयोग किया जाता है। जिसका इस्तेमाल जाने अनजाने में स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल करने से पहले यह अवश्य पता लगाए कि यह पूरी तरह से साफ़ और स्वच्छ हो।
नागरमोथा का उपयोग (How to use nagarmotha)
नागरमोथा का पाउडर बाजार में बड़ी आसानी से मिल जाता है। जिसका इस्तेमाल ऐसे कर सकते हैं –
* पाउडर को गुलाब जल में मिलाकर चेहरे पर लगाएं
* कच्चे दूध मे मिलाकर त्वचा पर लगाए
* पत्ते या जड़ के काढ़े का इस्तेमाल
* चूर्ण को गुनगुने दूध के साथ या पानी के साथ
* शहद के साथ इस्तेमाल करें
* तेल में मिलाकर त्वचा पर लगाए
नागरमोथा का उपयोग करने से पहले आपको किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसका लाभ हर व्यक्ति के सेहत पर अलग-अलग हो सकता हैं। इसके बारे मे पूरी जानकारी के लिए किसी डॉक्टर की मदद अवश्य लें वरना अधूरी जानकारी के अभाव से इससे आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता हैं।
यहां और पढ़ें: अमरूद के पत्ते भी होते है सेहतमंद, जाने उपयोग करने का तरीका
डिस्क्लेमर : हेल्थ सीक्रेट्स पर हम आपके स्वास्थ और कल्याण के लिए प्रामाणिक जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी डॉक्टर या चिकित्सक से सलाह परामर्श जरूर करें।
