Paneer ke phool: डायबिटीज कि बीमारी आज के समय में एक आम बीमारी बन गई है। खासकर भारत इसमें दूसरे स्थान पर आता है। इसको कंट्रोल मे रखने कि ताकत रखता है पनीर का फूल।

Paneer ke phool: खराब खान पान और खराब लाइफ स्टाइल के कारण डायबिटीज कि बीमारी आज के समय में एक आम बीमारी बनते जा रही है। खासकर भारत में यह बीमारी बड़ी तेज़ी से बढ़ते जा रही है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार भारत मोटापा और डायबिटीज मे विश्व भर में दूसरे स्थान पर आता है। डायबिटीज कि बीमारी ज्यादातर आनुवंशिक कारणों से भी होती हैं। इसका खतरा पीढ़ी दर पीढ़ी तक भी बना हुआ रह सकता है। शुगर एक ऐसी बीमारी है जिसे कंट्रोल मे रखा जा सकता है लेकिन पूरी तरह से ख़त्म नहीं किया जा सकता है। भारत के आयुर्वेदिक चिकित्सा मे ऐसी कई चीजों का वर्णन किया गया है जिसका उपयोग करने से डायबिटीज को कंट्रोल मे रखा जा सकता है और डायबिटीज मरीजों के लिए यह चीजें किसी वरदान से कम नहीं होती। ऐसी ही एक वनस्पति है पनीर (paneer ke phool) के फूल जिसका डायबिटीज को कंट्रोल मे करने के लिए तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे बिथानिया कोगुलांस, पनीर डोडा, भारतीय रेनेट और पनीर के फूल जैसे नामों से जाना जाता है। पनीर के फूल में डाई यूरेटिक गुण पाए जाते हैं और यह फल स्वाद में मधुर होता है। यह अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल, अनिद्रा, डाइजेशन और स्किन के लिए भी लाभकारी होता है। यदि आप डायबिटीज के शिकार हैं और यह लेख आप पढ़ रहे है, तो आपके लिए और आपके प्रियजनों के लिए आज का यह लेख बेहद ही खास होगा। तो, जानते है पनीर के फूल के बारे मे विस्तार से। (Paneer ke phool benefits in hindi)
पनीर के फूल मे पाए जाने वाले पोषक तत्व – Nutrients of paneer phool
कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल्स, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम, सेलेनियम, राइबोफ्लेविन, फोलेट, विटामिन बी 12, बी 2, बी 1, अमीनो एसिड्स, हाइपोग्लाइसेमिक, हेपेटोप्रोटेक्टिव, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा मे पाए जाते हैं।
पनीर फूल के फायदे डायबिटीज मे
पनीर के फूल इंसुलिन को बूस्ट करके इंसुलिन का उपयोग बेहतर करने मे मदद करते है। यह फूल पैंक्रियाज मे बीटा सेल्स के निर्माण को तेज करके ग्लूकोज को इस्तेमाल करने में मदद करते हैं। खाद्य पदार्थ शुगर में टूटने से ब्लड मे प्रवेश करके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देते है, जिससे पैंक्रियाज इंसुलिन को बनाना बंद कर देते है तथा उसकी गति को भी मंद कर देता हैं। एक रिसर्च के अनुसार पनीर के फूल पैंक्रियाज के बीटा सेल्स को इम्प्रूव करता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने मे और इंसुलिन को तेज करने मे काफी सहायता करता हैं। अगर पनीर के फूल का सेवन रोजाना निर्धारित मात्रा मे किया जाए तो यह आपकी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल मे रख सकता है। डायबिटीज के कारण मरीज़ कि बीटा सेल्स डैमेज हो जाती है जिससे उतनी मात्रा मे इंसुलिन का उत्पादन नही हो पाता। पनीर के फूल बीटा सेल्स को रिपेयर करने मे काफी मददगार होते है।
डायबेटिज मे पनीर के फूल का सेवन करने का तरीका
इसके बेहतर उपयोग के लिए पनीर के कुछ फूलों को रात भर पानी मे भीगोकर रख दें फिर उसी पानी में फूलों को अच्छेसे उबालें ताकि उस फूलों के सारे घटक उस पानी मे उतर सकें। अब इस पानी को छानकर आप रोजाना खाली पेट इसी तरीके से इसका सेवन कर सकते है।
पनीर के फूल के अन्य फायदे
बढ़ती उम्र रोखकर रखें
पनीर के फूल एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, ये एंटी ऑक्सीडेंट खून मे मौजूद खराब टॉक्सिंस और फ्री रैडिकल्स से लड़ने में आपकी मदद करते है। पनीर के फूल खून कि शुद्धि करके स्किन को लंबे समय तक जवां और चमकदार बनाएं रखते है।
वजन को रखे नियंत्रित
पनीर के फूल में मोटापा(anti obesity) कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। इनसे मोटापा कम करने मे काफी मदद मिल सकती है। पनीर के फूल का अधिक सेवन करने से उल्टी, एसिडिटी, बैचेनी कि दिक्कत हो सकती है।
नींद लाने में फायदेमंद
बढ़ती उम्र, भागदौड़ भरी जिंदगी और स्ट्रैस के कारण नींद पर काफी असर पड़ता है। यदि आपको नींद ना आने कि समस्या परेशान कर रही है तो आपको पनीर के फूल का उपयोग करना चाहिए। इससे आपको नींद ना आने (अनिद्रा) कि समस्या से राहत मिल सकती है।
बुखार, सर्दी जुखाम में फायदेमंद
डायबिटीज के कारण रोग प्रतिकारक शक्ति भी कमजोर पड़ जाती है। पनीर फूल के पोषक तत्वों से इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग बनाने मे मदद मिलती है। मौसम बदलाव के कारण होने वाले लक्षणों को कम कर सकते है पनीर के फूल।
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