Arjun Chaal: सैंकड़ों बीमारियों की औषधि है अर्जुन की छाल

Arjun Chaal: आयुर्वेद में अर्जुन की छाल का इस्तेमाल सदियों से हृदय रोगों के लिए, मधुमेह और रोग प्रतिकारक शक्ति को मजबूत करने के लिए किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट कमजोर इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने का काम करते हैं।

Arjun Chaal
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Arjun Chaal benefits in hindi: अर्जुन की छाल फेफड़ों के लिए काफी फायदेमंद माने जाती है। सदियों से ही इस छाल का इस्तेमाल फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए होता आ रहा है। अर्जुन कि छाल को दिल का दोस्त भी कहा जाता है। बढ़ते जा रहे प्रदूषण का स्तर फेफड़ों को कमजोर तथा हृदय रोगों के तरफ़ खींचता जा रहा है। मौसम में हो रहे इस बदलाव के चलते कई बीमारियां और फेफड़ों में संक्रमण होने का जोखिम भी बढ़ते जा रहा है। ऐसी समस्याओं को कम करने मे मदद करती है अर्जुन कि छाल। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर यह अर्जुन कि छाल सदियों से ही हृदय रोगों मे फायदेमंद साबित हुई हैं। इसके अलावा डायबिटीज, खांसी-जुखाम और घुटनों के दर्द को भी कम करने मे मदद करती है। जानते अर्जुन छाल के फायदे और सेवन का तरीका। (Arjun Chaal Benefits In Hindi)

अर्जुन कि छाल के फायदे – Arjun Ki Chaal Ke Fayde In Hindi

फेफड़ों का संक्रमण और बढ़ते जा रहे प्रदूषण से खुद का बचाव करने की जबरदस्त औषधि है अर्जुन कि छाल। इसका इस्तेमाल करने से मौसमी संक्रमण और मौसमी बीमारियों का प्रभाव काफी कम हो जाता है। वे लोग जो अक्सर सर्दी, जुखाम, गले की खराश से परेशान रहते हैं उन्हें इसके सेवन से लाभ अवश्य देखने को मिलते हैं। कमजोर रोग प्रतिकारक शक्ति जिससे अक्सर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। अर्जुन कि छाल (Arjun ki chaal) में पाए जाने वाले पोषक तत्व और एंटी ऑक्सीडेंट कमजोर इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने का प्रयास करते हैं।

आयुर्वेद मे कई कारणों के लिए अर्जुन की छाल का उपयोग किया जाता है। इस औषधि का उपयोग आयुर्वेद चिकित्सा में फेफड़ों के स्वास्थ्य ओर हृदय संबंधित समस्याओं मे किया जाता है। हृदय संबंधित समस्याओं मे बेहद लाभदायक माने जाती है यह अर्जुन कि छाल, इसके पेड़ कि छाल को आमतौर पर औषधि में इस्तेमाल किया जाता है, जो अपने औषधीय गुणवत्ता से युक्त और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है।

अर्जुन कि छाल से मिलने वाले लाभ – (Benefits Of Arjun Chaal In Hindi)

1. फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए

अर्जुन कि छाल का उपयोग मुख्यतौर पर हृदय के स्वास्थ्य के लिए और हृदय को स्वस्थ बनाएं रखने के लिए किया जाता है। अर्जुन कि छाल मे हृदय वर्धक गुण पाए जाते हैं। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जिससे हाइपरटेंशन, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट स्ट्रोक जैसी स्थितियों में इससे फायदा मिलता है। अर्जुन की छाल ब्लड क्लोटिंग्स को निकालकर खून के बहाव को तेज करता है। जिससे कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने मे बहुत मदद मिलती है और हृदय के फंक्शंस भी बेहतर काम करने लगते है।

2. सर्दी, खांसी और जुखाम के लिए

आयुर्वेद में अपचन(indiagetion) को सभी समस्याओं का जड़ कहा जाता है। सभी समस्याएं यहां से ही शुरू होती हैं। शुरुआती दिनों में अर्जुन कि छाल को दूध में उबालकर पीने से अस्थमा, सर्दी, खांसी और ब्रोंकाइटिस के लक्षणों को इससे कम करने मे काफी मदद मिलती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट पाचन शक्ति को मजबूत बनाते हैं, जिससे फेफड़ों को भी फायदा मिलता है। अर्जुन कि छाल (Arjun Chaal) फेफड़ों से कफ़ को बाहर निकालता है।

3. अपचन की समस्याएं

गट्स मे गुड बैक्टीरिया बनाने के लिए फायदेमंद होती है अर्जुन कि छाल। इससे गैस, एसीडिटी और अपचन जैसी स्थिति में फायदे देखने को मिलते हैं। दूध में या फिर पानी में उबालकर सेवन करने से शरीर मे मौजूद विषैली पदार्थ बाहर निकलने लगते हैं। जिससे गैस्ट्रिक समस्याओं मे जैसे पेट दर्द, अपचन, ब्लोटिंग में लाभ मिलने लगता है। लेकिन ध्यान रखें कि इसका ज्यादा मात्रा मे सेवन करने से पेट कि दिक्कतें बढ़ भी सकती हैं।

4. स्किन मे कोलेजन प्रोडयूस करता है

बढ़ती उम्र के असर को कम करती अर्जुन कि छाल। इससे स्किन मे कोलेजन की मात्रा बढ़ने लगती है। जिससे समय से पहले होने वाले बुढ़ापे के लक्षणों को दूर किया जा सकता है। चेहरे पर के दाग-धब्बे, झुर्रियों को कम करने मे मदद मिलती है। दूध में अर्जुन कि छाल और चुटकी भर हल्दी डालकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर के दाग-धब्बे और स्किनटोन में भी बदलाव देखने को मिलता है।

5. शरीर की सूजन कम करें

अर्जुन कि छाल मे एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टिरियल गुण होते है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रैस और सूजन को कम करके मौसम बदलाव के कारण होने वाले लक्षणों को दूर करने मे सहायता करता है। सर्दी, खांसी और जुखाम को दूर करने में मदद मिलती है अर्जुन कि छाल से।

कैसे किया जाता है सेवन

अर्जुन कि छाल का पाउडर 5gm की मात्रा मे एक ग्लास पानी या फिर दूध में अच्छेसे उबलने दें। थोड़ा गुनगुना होने पर नाश्ते के बाद सेवन करें।

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डिस्क्लेमर : हेल्थ सीक्रेट्स पर हम आपके स्वास्थ और कल्याण के लिए प्रामाणिक जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी डॉक्टर या चिकित्सक से सलाह परामर्श जरूर करें।

 

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