Benefits Of Arjun Chaal: हमारे हृदय के इर्द गिर्द अगर आप चाहते है कि कोई रोग ना हो तो अर्जुन कि छाल इसमें बेहद कारगार साबित होती है। अर्जुन छाल हमारे हृदय के मसल्स को मजबूत बनाता है।

Benefits Of Arjun Chaal: ठंडी के दिन ये शरीर मे वात प्रकोप के दिन होते है। इन दिनों में शरीर में वात प्रकोप बड़े तेजी से बढ़ता है। वात दोष को कम करने की सबसे बढ़िया दवा है अर्जुन कि छाल। आयुर्वेद मे भी अर्जुन कि छाल के बड़े फायदे बताएं गए हैं। ये हलका वृक्ष स्वभाव का होता है। अर्जुन हलका वृक्ष स्वभाव का होता है, जिसमें भरपूर मात्रा मे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जिसका उपयोग कई तरह के रोगों के उपचार में काढ़ा बनाकर किया जा सकता है। इससे बना काढ़ा हमारे शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाने का काम करता है। 2011 के एक रिसर्च में अर्जुन को कार्डियोटोनिक पाया गया। अर्जुन हमारे हार्ट को शक्ति प्रदान करता है। जिसके नियमित सेवन करने से बुढ़ापे तक भी हार्ट अटैक होने की संभावना लगभग नहीं रहती। और टाइप 2 डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल के लिए अर्जुन कि छाल को सबसे अच्छा बताया गया है। खून कि अम्लता को कम करने की सबसे अच्छी औषधि है अर्जुन कि छाल(Arjun Bark) का काढ़ा। यदि आपको हार्ट, टाइप 2 डायबिटीज, एसिडिटी और वात की दिक्कत है, तो इसमें अर्जुन कि छाल का काढ़ा आपके लिए काफी मददगार साबित होगा। आयुर्वेद में इसके काढ़े के उपयोग के कई फायदे बताएं गए हैं। आज हम आपको इससे मिलने वाले कुछ खास फायदों के बारे मे जानकारी देने का प्रयास करेंगे जो आपको और आपके परिवार को बरसों तक भी हेल्दी बनाएं रखेंगे। तो, चलिए जानते है अर्जुन कि छाल से मिलने वाले 8 फायदों के बारे मे। (Arjun Ki Chaal Ke Fayde)
हार्ट अटैक के कारण – Heart Attack Symptoms
हार्ट अटैक आने से पहले ही हमारी बॉडी हमे संकेत देती है।
1. ठंडा पसीना
2. पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द
3. चेस्ट के ऊपरी हिस्से में दर्द
4. बाय हाथ में दर्द
5. जबड़े में दर्द
6. छाती में भारीपन
अर्जुन कि छाल से मिलने वाले ये 8 जबरदस्त फायदे – (Health Benefits Of Arjun Chaal)
1. डायजेशन मे फायदेमंद (Help in diagetion)
पेट ठीक से साफ ना होना, कांस्टिपेशन या मल त्यागने के बाद भी पूरी तरह से संतुष्टि ना मिलना इसमें अर्जुन कि छाल से काफी मदद देखने को मिल सकती है। जिन लोगों को बार बार अतिसार (दस्त) कि परेशानी होती है उसमें भी अर्जुन कि छाल मदद करती है।
2. फैट लॉस मे मिलती है मदद (Fat lose)
फैट को कम करने के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है अर्जुन कि छाल। अर्जुन कि छाल फैट को तेजी से काटने का काम करती है। अर्जुन कि छाल से बना काढ़ा फैट लॉस मे बेहद लाभदायक होता है।
3. हृदय बीमारियों मे लाभदायक (Beneficial for heart)
अर्जुन कि छाल को कार्डियोटोनिक कहा जाता है। अर्जुन कि छाल को दिल का दोस्त भी कहा जाता है। अर्जुन कि छाल का खास प्रयोग हृदय संबंधित रोगों मे किया जाता है। अर्जुन कि छाल से हार्ट कि पंपिंग इम्प्रूव होती है। इस अर्जुन कि छाल का इस्तेमाल करके कुछ चूहों पर प्रयोग किया गया जिसमे यह बात सामने आई कि इसमें ट्रायटरपेनॉइड नाम का एक खास कंपाउड होता है जो हृदय रोगों मे बहुत फायदेमंद है। यह ट्रायटरपेनॉइड कंपाउड हृदय संबंधित समस्याओं को दूर करने मे काफी सहायता करता है। हृदय कि मांसपेशियों को मजबूत बनाके उन्हें शक्ति प्रदान करता हैं।
4. उच्च रक्तचाप (high blood pressure)
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए अर्जुन कि छाल बहुत फायदेमंद होती है। जिनका ब्लड प्रेशर हमेशा बढ़ा हुआ रहता है उनके लिए अर्जुन कि छाल से बना काढ़ा एक रामबाण औषधि कि तरह काम करता है। ट्रायटरपेनॉइड के अलावा इसमें एंटीहाइपरटेंसिव गुण मौजूद होते हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रण मे रखने का काम करते हैं।
5. डायबिटीज को रखेगा कंट्रोल मे (Diabetes control)
अर्जुन कि छाल मे एंटी डायबिटिक गुण भी पाए जाते हैं जो डायबिटीज जैसी घातक बीमारी को कंट्रोल मे रखने के लिए लाभदायक माने जाते है। लिवर और पैंक्रियाज की कार्यक्षमता को तेजी से सुधारने में मदद करता है अर्जुन की छाल। अर्जुन कि छाल का काढ़ा नियमित सेवन करते रहने से ब्लड शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल मे बना हुआ रहता है। अर्जुन कि छाल मे ऐसे कई एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं, जो शुगर लेवल को बढ़ने से रोकते हैं और इंसुलिन रेसिस्टेंस को ऐक्टिव बनाए रखते हैं।
6. अस्थमा – ब्रोंकाइटिस मे फायदेमंद – Helps in resperatory system
आयुर्वेद चिकित्सा मे अर्जुन कि छाल को श्वसन संबंधित समस्याओं मे भी इस्तेमाल किया जाता है। लंबे समय से इसका उपयोग करके श्वसन संबंधित समस्याओं को ठीक किया जा रहा है। यदि आप लंबे समय से अस्थमा या अन्य श्वसन संबंधित समस्याओं से जुझ रहे हैं तो आपको अर्जुन कि छाल के काढ़े को अपनी दिनचर्या का एक हिस्सा बना लेना चाहिए। इससे आपको जल्द से राहत मिलने में मदद मिल सकती है।
7. फेफड़ों की कार्यप्रणाली करें दुरुस्त (Helps in lungs)
बार-बार मौसम में होने वाले बदलाव के कारण आप यदि सर्दी-जुखाम के चपेट मे आ जाते हैं तो अर्जुन कि छाल का काढ़ा इसमें आपकी बहुत मदद कर सकता है। मूल रूप से फेफड़ों कि कार्यप्रणाली को सुधारने का काम ही अर्जुन कि छाल करता है। इसकी छाल मे हृदय वर्धक गुण पाए जाते हैं, जो फेफड़ों कि मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। लगातार कुछ दिनों तक अर्जुन कि छाल का काढ़ा सर्दी-जुखाम को ठीक कर देता है।
8. खून शुद्धीकरण (Blood purification)
अर्जुन को रक्त शुद्धिकर भी कहा जाता है। खून को साफ करने मे भी अर्जुन कि छाल मदद करती है। जिससे स्किन कि समस्याओं मे काफी फायदा मिल सकता है। कफ़ और पित्त से होने वाली स्किन समस्या मे यह ज्यादा मददगार होती है।
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