Causes Of Thyroid: थाइरॉइड के मरीजों की संख्या में हमारे भारत देश में दिन ब दिन इजाफा होते हुए देखा जा रहा है। वर्ल्ड थायरॉइड दिन के उपलक्ष्य मे इसके कुछ कारणों पर रिसर्च किया गया। आइय जानते है उन कारणों के बारे मे –

थायरॉइड होने के कुछ कारण – Causes of thyroid in hindi
थायरॉइड दिन के उपलक्ष्य पर भारत मे थायरॉइड से जूझ रहे लोगों में लगातार इजाफा देखने को मिला है। आज के समय मे थायरॉइड एक समस्या बनते जा रही है, कई लोग आज इस समस्या से ग्रसित देखने को मिल रहे है। थायरॉइड ग्रंथि कमजोर होने के कारण ग्रंथि की उत्पादन क्षमता कम या ज्यादा होने से यह समस्या सामने निकल आती है। यह स्थिति किसी भी उम्र मे देखी जा सकती है। इसमें दो स्थिति दिखाई देती है जिसमें हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइडिज्म होती हैं। एक रिसर्च मे देखा गया कि थायरॉइड के मामले हमारे देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व (world thyroid day) थायरॉइड दिवस जो 25 मई को मनाया जाता है जिसमें कुछ कारणों को जिम्मेदार बताया गया है। नजर डालते है उन कारणों पर जो विश्व थायरॉइड दिन पर देखे गए।
1. आयोडीन की कमी
थायरॉयड ग्रंथि का कम ज्यादा होने मे सबसे मुख्य कारण आयोडीन का होता है। आयोडीन की कमी को थायरॉइड बढ़ने का एक मुख्य कारण माना गया है। थायरॉइड हार्मोन को बनाने के लिए हमारे शरीर मे आयोडीन पर्याप्त मात्रा मे होना जरूरी होता है। शरीर मे जब आयोडीन कि कमी होने लगती है तब थायरॉइड रोग उत्पन्न होने लगता है। इसके अलावा खराब डाइट, जंक फूडस और न्यूट्रीशन भी थायरॉइड विकार का एक बड़ा कारण बन चुका है।
2. आयोडीन की अधिकता
शरीर मे जब आयोडीन कि मात्रा अधिक बढ़ जाती है तब भी यह थायरॉइड की स्थिति निर्माण हो सकती है। अधिक मात्रा मे आयोडीन हो जाने पर थायरॉइड ग्रंथि अधिक थायरॉइड के हार्मोन को बनाना शुरू कर देती है।
3. मोटापा और ज्यादा उम्र
थायरॉइड यह किसी उम्र मे उत्पन्न हो सकता है। लेकिन बढ़ती उम्र मे इसका धोका अधिक बना रहता है। इसके अलावा मोटापा और अधिक वजन भी थायरॉइड डिसऑर्डर का कारण बन सकता है।
4. जंक फूड्स, प्रोसेस्ड फूड्स
जंक फूड्स, प्रोसेस्ड का अधिक सेवन भी थायरॉइड के जोखिम को बढ़ा सकता है। प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड्स मे नमक भले ही ज्यादा होता हो लेकिन केमिकल और प्रक्रिया करने से इन व्यंजनों से न्यूट्रिएंट्स गायब हो जाते हैं और थायरॉइड ग्रंथि कमजोर होने लगती है और थायरॉइड के रोगों को बढ़ा देती है।
5. बुरी आदतें
जिन लोगों में बुरी आदतें होती है जैसे कि पान मसाला या तंबाकू जन्य चीजों का अति इस्तेमाल करते हैं उन लोगों मे थायरॉइड का खतरा ज्यादा पाया जा सकता है। तंबाकू को इस केस के बढ़ने का एक प्रमुख कारण माना गया है। मुंह में तंबाकू रखने से यह थायरॉइड ग्रंथि को क्षति पहुंचाता है और मेटाबॉलिज्म को कमजोर करता है। धूम्रपान और तंबाकू जन्य जिचे खाने से थायरॉइड रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
6. इन चीजों पर ध्यान दें
दाल, बिन्स और दही को भी कुछ मामलों में थायरॉइड बढ़ने का कारण देखा गया है। ज्यादा मात्रा मे ये चीजों का सेवन करने से थायरॉइड हार्मोन डिस्टर्ब हो जाता है जिससे प्रक्रिया धीमी हो सकती है। इससे थायरॉइड ग्रंथि मे सूजन बढ़ने लगती है। एल्कोहॉल, एल्कोकोल के साथ इस्तेमाल किया जाने वाला सोडा थायरॉइड का कारण बन सकता है। खासकर, जिन लोगों ने हेल्दी डाइट के नाम पर अपने डायट से नमक को पूरी तरह से निकाल दिया है तब भी थायरॉइड ग्रंथि डिसऑर्डर हो सकती है। मतलब कि आयोडीन इंटेक शरीर मे कम हो जाते ही इसकी संभावना बढ़ जाती है।
7. गर्भावस्था
थायरॉइड डिसऑर्डर की समस्या महिलाओं मे अधिक देखने को मिलती है। गर्भावस्था मे हार्मोनल बदलाव के कारण थायरॉइड की स्थिति कई बार देखी जाती है। मासिक धर्म मे होने वाले हार्मोनल उतार चढ़ाव और हार्मोन असंतुलन भी इसका कारण बन सकता है।
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डिस्क्लेमर: थायरॉइड होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसीलिए आपको अपनी डायट के अलावा मानसिक तनाव को भी मैनेज करके रखना जरूरी होता है। रोजाना एक्सरसाइज करना, डायट का खास ध्यान रखना और जंक फूड्स का इस्तेमाल कम करना आज के समय मे जरूरी हो गया है। इस लेख का उद्देश्य केवल थायरॉइड से जुड़े कारण बताना और सही मार्गदर्शन करना है। इलाज के लिए हमेशा किसी विशेष चिकित्सक का मार्गदर्शन जरूर ले।
