Chirata Benefits: चिरायता डायबिटीज मरीजों के लिए एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी हैं, जो डायबिटीज से लेकर स्किन तक कई सारी समस्याओं मे काम आ सकती हैं। जानते है विस्तार से।

Chirata Benefits: चिरायता मुख्य रूप से हिमालयो के श्रेत्र में उगने वाली एक आयुर्वेदिक लोकप्रिय जड़ी बूटी हैं। डायबिटीज, स्किन प्रॉब्लम, बुखार को कम करने के लिए आयुर्वेद में सदियों से ही इसका उपयोग किया जाता रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा में ऐसी कई जड़ी बूटियां हैं, जो हर प्रकार कि बीमारियों के इलाज मे फायदा करती हैं। उन्हीं में से एक जड़ी बूटी है चिरायता (Chirata), चिरायता में बैंगनी रंग के हरे-पीले फूल होते हैं और यह कड़वे स्वाद कि जड़ी बूटी होती है। यह जड़ी बूटी एंटी बैक्टिरियल होती है, जिसकी बुखार को कम करने मे काफी मदद मिलती है। इसके अलावा इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी इफैक्ट्स भी होते है जो सूजन को कम करने मे सहायता करते हैं। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट, हेपेटोप्रोटेक्टिव, एंटीफंगल, हाइपोग्लाइकेमिक, पाचक और पित्तशामक गुण पाए जाते हैं। चिरायता तासीर मे ठंडी होने से यह एसिडिटी, पित्त को शांत करने मे बहुत काम में आती है। इसी कारण कई बीमारियां कम करने मे यह रामबाण की तरह काम करती है। इसमें न्यूरोट्रांसमीटर गुण भी होते है जो आपके ब्रेन सिस्टम को मजबूत बनाएं रखते है। तो, जानते है चिरायता से मिलने वाले फायदों के बारे में और सेवन करने का सही तरीका (Chirata Benefits In Hindi)
चिरायता किन बीमारियों मे काम आती है
चिरायता का सेवन कई प्रकार के व्यापक बीमारियों को कम कर सकता है। जिसमे
* ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर
* लिवर समस्या
* स्किन कि समस्या
* रोगप्रतिकारक शक्ति मजबूत करना
* पीलिया और मलेरिया
* गैस, एसीडिटी, अपचन, कब्ज
चिरायता के फायदे-Chirata Benefits In Hindi
1. डायबिटीज का जोखिम कम करें-Chirata for diabetic
चिरायता का सबसे बड़ा फायदा डायबिटीज मे देखने को मिलता है। इंसुलिन को ऐक्टिव करने मे और इंसुलिन को उत्तेजित करके ग्लूकोज को इस्तेमाल मे लाने के लिए चिरायता अच्छा होता है। ग्लूकोज को इस्तेमाल मे लाकर शुगर लेवल को कंट्रोल मे रखने के लिए प्रभावी माना जाता है। इसका रेगुलर या कुछ दिनों के अंतराल मे भी सेवन किया जाए तो भी डायबिटीज से छुटकारा मिलने लगता है।
2. लिवर कि करें सफाई- Chirata for liver health
चिरायता का इस्तेमाल लिवर को स्वस्थ और अधिक मजबूत बनाएं रखता है। इसमें हेपेटोप्रोटेक्टिव, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी इफैक्ट्स होते हैं जो पीलिया के दौरान लिवर को प्रभावित होने से बचाएं रखता है। चिरायता एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो पित्त को रिलीज करके लिवर पर से केमिकल के प्रभाव को दूर करता है। जिससे लिवर सामान्य होने लगता हैं। साथ ही इसके एंटीइन्फ्लेमेटरी इफैक्ट्स लिवर के सूजन को कम करके लिवर को डिटॉक्स करता है और लिवर कि कार्य क्षमता को भी बढ़ाता है।
3. मेटाबोलिज्म को सुधारे-improve metabolism
चिरायता मे रेचक गुण पाए जाते हैं जो गैस, कब्ज, अपचन जैसी स्थिति में सहायक होते है। चिरायता से पाचन कि समस्याएं जैसे गैस्ट्रिक इश्यूज, पेट फूलना, पेट के कीड़े मारना जैसी विभिन्न समस्याओं से राहत मिलती है। चिरायता मेटाबोलिज्म को तेज करके फैट लॉस मे मदद करता है। वेट लॉस और फैट लॉस करने मे चिरायता फायदेमंद हो सकता है।
4. दिमाग के लिए फायदेमंद-Beneficial in brain
चिरायता मे न्यूरोट्रांसमीटर गुण पाए जाते हैं जो दिमागी विकास के लिए और दिमाग के संतुलन मे मददगार होते है। इसमें पाएं जाने वाले घटक तनाव, चिंता, अवसादवाद को कम करने का काम करते हैं। ये सेंट्रल नर्वस सिस्टम को स्ट्रांग बनाके ब्रेन कि कार्यक्षमता को तेज करता है।
5. पिंपल्स-मुंहासे दूर करें-for skin health
चिरायता मे एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी बैक्टिरियल गुण भी होते हैं जो पिंपल्स, दाग-धब्बे कम करने मे मदद करते हैं। इसके अलावा चिरायता खून कि अंदर से सफाई करता है और स्किन कि समस्याएं कम करता है। तथा इसके पानी से स्किन साफ करने से खुजली, एक्जिमा, सोरायसिस, रूखापन जैसी स्किन कि समस्याओं से राहत मिल सकती है।
6. स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए चिरायता-Beneficial in breastfeeding
स्तनपान कराने वाली महिलाएं जो अक्सर दूध कि कमी से जूझती है, चिरायता उनके लिए काफी लाभकारी हो सकती है। इसमें स्तनों कि दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाले घटक पाए जाते हैं। स्तनों कि दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने में और दूध को शुद्ध करने मे चिरायता लाभकारी मानी जाती है। लेकिन ऐसी स्थिति में किसी डॉक्टर से सलाह लेना उचित होता है, नहीं तो जानकारी के अभाव के कारण इससे नुकसान भी हो सकता है।
चिरायता का सेवन कैसे करें
चिरायता को उबालकर इसका काढ़ा बनाकर आप इसका सेवन कर सकते हैं या फिर रात भर सुखी चिरायता को भिगोकर उस पानी को छानकर उसका सेवन खाली पेट या भोजन के एक घंटे के बाद कर सकते हैं।
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