Fat loss – बीना डाइटिंग के सिर्फ 30 दिन मे तेजी से घट जाएगा मोटापा

fat loss: चर्बी ना सिर्फ पर्सनेलिटी पे दाग लगाता है, बल्की ये हेल्थ के लिए भी बहोत बड़ा खतरा है | मोटापा वैसे तो कोई बिमारी नही होती लेकिन सारे बिमारी का कारण जरूर होता है | मेटाबॉलिज्म सुस्त होने के कारण खाना अंदर ही सड़ने लगता है, जिससे excesive fat, Visceral fat बढ़ने लगता है.

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क्या है मेटाबोलिज्म – What is metabolism?
बॉडी मे जो कुछ भी होता है चाहे वो फिजिकल एक्टिविटी हो या केमिकल रिएक्शन सब कुछ मेटाबॉलिज्म से ही होता है, मेटाबोलिज्म अगर स्लो हो जाय तो भूख लगेगी कम लेकीन वजन बढता रहेगा | मेटाबोलिज्म अगर कम हो गया तो फैट लॉस कभी भी नही हो सकता, असामयिक खाना खाना यह मेटाबोलिज्म स्लो करने मे सबसे बडी बाधा होता है | मोटापा अब तक सिर्फ अन्य देशों की समस्या थी, लेकिन अब इंडिया मे भी मोटापा तेजी से बढ़ता जा रहा है | मोटापे को दूर रखने के लिए जापान के लोग खाने से पहले अपने आप को रोज ऐक मंत्र याद दिलाते है हारा हाची बू याने सिर्फ 80% ही पेट भरे, ओवर लोड खाना यह भी मेटाबोलिज्म स्लो होने का ऐक कारण होता है | फिर शुगर, ब्लड प्रेशर, एसिडिटी ऐसी कईक दिक्कतो का सामना करना पड़ता है.

मेटाबोलिज्म कैसे बढ़ाए? (How to increase metabolism)
वैसे तो मेटाबोलिज्म बढ़ाने के कई तरीके हैं, लेकिन 7 से 8 घंटे की डिप स्लीप नींद ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाने का सबसे बढ़िया तरीका है | 7 घंटे से कम निंद ये मेटाबोलिज्म को स्लो करके रोगप्रतिकारक शक्ति को भी धीमा कर देता है | इसीलिए आयुर्वेद मे नींद और खाना खाने का सही समय इसको ज्यादा महत्व दिया गया है | इसके अलावा फैट लॉस करना है तो गट हेल्थ में सुधार करना पड़ेगा इसके लिए इंटेस्टाइन मे गुड बैक्टेरिया को बढाना पड़ेगा यह अगर बॉडी मे इंक्रीज हो गए तो मेटाबोलिज्म को तेज कर सकते है, टॉक्सिंस को बाहर निकाल सकते है | खाना खाने से पहले 1 से 2 खीरे ककड़ी खाने से यह बॉडी मे गुड बैक्टेरिया को प्रमोट करके इंटेस्टाइन को साफ करते है | यदि रोज बॉडी को 25 – 30% फाइबर मिलता रहेगा तो मेटाबोलिज्म को बढ़ाएगा और मेटाबिलिज्म बढ़ गया तो बॉडी सोते सोते भी fat loss करते रहेगी.

fat loss
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बेसल मेटाबोलिक रेट- Besal metabolic rate (BMR)
फैट लॉस करने के लिए सबसे पहले दिमाग मे आती है एक्सरसाइज करना, यह बात सच है की फैट लॉस
करने के लिए एक्सरसाइज जरुरी है | बॉडी के हर प्रोसेस मे एनर्जी कि जरूरत होती है जो मिलती है कैलरीज से, कैलरीज रात को सोते सोते भी बर्न हो रही होती है | ऐक इन्सान 7 से 8 घंटे की नींद मे 300 से 400 तक की कैलोरिज को बडी आसानी से बर्न कर सकता है जिसे (besal metabolic rate) कहते है | (besal metabolic rate) बढ़ाने के लिए प्रोटीन इंटेक की जरूरत होती है | hight+weight+age = उतना gram प्रोटीन की ज़रूरत होती है जिसे (BMR) कहते है | बीना एक्सरसाइज किए (BMR) से कम खाने का मतलब है बॉडी का हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है | (BMR) को बढ़ाने के लिए सबसे पहले मसल मास बढाना पड़ेगा, BMR को बढ़ाने के लिए रोज मर्रा के लाइफ मे किसी भी प्रकार की एक्टिविटी बहुत जरूरी होती है.

फैट लॉस मे क्या खाना चाहिए?
Whole granes, carbohydrates, मका, ओट्स, रागी, छिलके वाली दाल, बाजरा, sprouts, fruits, soya chunks, राजमा, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, पंपकिन सीड्स, अंडे, दही, पनीर, इसमे healthy fats होते है | इन चीजो को कंट्रोल और बैलेंस डाइट के साथ लेना चाहिए.
फैट लॉस मे क्या नही खाय?
* फैट लॉस मे मैदे से बनी चीजें का सेवन करने से बचे क्यू की इसमें (bad cholesterol) होता है | मैदे की चीजें खाने से शुगर लेवल बड़ी तेजी से घटता है | भूख जल्दी लगती है.
* फैट लॉस मे सफेद चीनी को अवॉइड करना चाहिए क्यू की इसमें न्यूट्रिएंट ना के बराबर होते है.
* Deep fried चीजों को बिलकुल avoid करना चाहिए क्यू इसमें unhelathy fat होता है
* Fat gain का और stress का बड़ा संबध होता है, स्ट्रेस से बॉडी मे कोर्टिसोल लेवल बढ़ जाता है जिससे मेटाबोलिज्म कम होकर शुगर और फैट बढ़ जाता है | फैट लॉस के लिए तनाव को manage करना जरुरी है.
फैट लॉस डाइट प्लान
फैट लॉस के पीछे सिधासा सिद्धांत है कैलोरिज डेफिसिट खाना, लेकीन कुछ लोग फैट लॉस को छोड़कर (weight loss) पर ज्यादा ध्यान देते है | फैट लॉस का मतलब (weight loss) कतई नहीं होता.
* सुबह उठते ही तांबे के बर्तन का पाणी पिए रात भर तांबे के बर्तन में रखा गया पाणी तांबे के न्यूट्रीएंट और पोषण से भरपूर होता है जो फैट लॉस
करने में लाभकारी होता है | तांबे के पाणी से डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म इम्प्रूव होता है.
* ब्रेकफास्ट में फल और (boil) अंडे या फिर ऑमलेट का सेवन करें | इसके अलावा प्रोटीन के तौर पर रात को 3-3 के मात्रा मे बादाम, किशमिश और ऐक अंजीर को दूध में भिगोकर सुबह नाश्ते में सेवन करें | इसके अलावा बेसन से बने चीले को भी ले सकते हैं |
* लंच में non वेजिटेरियन के तौर पर 40 से 50 ग्राम बॉयल चिकन, ऐक कटोरी चावल और सलाद को ऐड कर सकते है | या फिर छोले और चावल को खाइए, इसके पूरे न्यूट्रिएंट का फायदा बॉडी को मिले इसके लिए एल्यूमीनियम की जगह पीतल के बर्तन का उपगोग करे.
* श्याम की चाय की जगह फैट लॉस ड्रिंक को पिए इसे बनाने के लिए ऐक चमच किसी हुई अदरक थोडिसी काली मिर्च और दालचीनी को अच्छेसे उबाले थोड़ा ठंडा होने पर उसमे आधा नींबू और ऐक चमच शुद्ध शहद मिलाकर इसका सेवन करे.
* डिनर में बाजरा या ज्वार से बनी रोटी का ही सेवन करे, ज्वार की रोटी में भरपुर मात्रा मे फाइबर होता जो डाइजेशन के लिए अच्छा होता | ज्वार की रोटी पचने मे भी हलकी होती हैं जिनसे फैट लॉस मे बेहतरीन रिजल्ट मिलता है | ज्वार या बाजरे की रोटी इंटेस्टाइन को साफ रखती है, जिससे गट हेल्थ इम्प्रूव होता है.

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